मेरी हर पुकार तुझे बुलाएगी मेरी हर चीख तुझे रूलाएगी मेरी हर पुकार तुझे बुलाएगी मेरी हर चीख तुझे रूलाएगी
जिस्म मेरा मर्जी किसी और की, क्यों नहीं मेरा मुझ पर अधिकार। जिस्म मेरा मर्जी किसी और की, क्यों नहीं मेरा मुझ पर अधिकार।
कर्म होगा तेरा बस, कदम रख दुनिया इतिहास लिखेगी। कर्म होगा तेरा बस, कदम रख दुनिया इतिहास लिखेगी।
माँ मेरे मन के सारे दर्द और डर को हर लो। माँ मेरे मन के सारे दर्द और डर को हर लो।
वो लाज है बिखरी हुई ज़मीन पर जो उधड़ा पड़ा। वो लाज है बिखरी हुई ज़मीन पर जो उधड़ा पड़ा।
तुझे आभास नहीं तूने किसको है पुकारा।। तूने मेरे सम्मान और स्त्रीत्व को है ललकारा। तुझे आभास नहीं तूने किसको है पुकारा।। तूने मेरे सम्मान और स्त्रीत्व को है ललक...